25 May 2012

नब्बन चचा के घर पर मजलिस

 रात मीरा रोड मुंबई में नब्बन  चचा  ने अपने मकान पर अपने मर्हुमीन के ईसाले  सवाब के लिए मजलिसे अज़ा का इनेक़ाद  किया। खेताबत डा. अब्बास आलम ने फरमाई .
बाद मजलिस  मा हज़र का भी इंतेज़ाम  था .

मरहुमीन  के असमाए  गिरामी:
1. अमीर फातेमा बिन्ते फैज़ मोहम्मद 
2. क़ासिम  हुसैन इब्ने अमीर आज़म 
3. नूर फातेमा बिन्ते कासिम हुसैन 
4. असग़र  हुसैन  इब्ने काजिम हुसैन  

आप हज़रात  से सूरह  फातेहा  की गुज़ारिश  है।

30 April 2012

ईसाले सवाब की मजलिस

मौलाना हसनैन करारवी मजलिस पढ़ते हुए 
कल रात करारी के मोमिनीन मीरा रोड में एक ईसाले सवाब की मजलिस में शरीक होकर मरहूमा मजीद फातेमा बिन्ते मुबारक हुसैन को एक  सुरह फातेहा से नवाज़ा. मजलिस मौलाना सय्यद हसनैन करारवी ने पढ़ी, जिसकी शुरुवात डा अब्बास आलम ने हदीसे किसा से की. मजलिस, फ़िरोज़ के नौहे पर ख़त्म हुई. 
इस मजलिस का एहतेमाम जनाब समर हसन आबेदी ने अस्मिता-अनीता काम्प्लेक्स में किया.
आप से भी गुज़ारिश है की मरहूमा की रूह को एक सुरह फातेहा हदया करें.

26 April 2012

ज़िन्दाने शाम की शबीह

करारी, इलाहबाद में 8 रबीउल अव्वल को जुलूसे अमारी के जुलूस के मौके पर ज़िन्दाने शाम की शबीह बनाई जाती है. यह उसी क़ैद ख़ाने का दरवाज़ा है. इस क़ैदखाने में बीबी सकीना के क़ब्र की शबीह है.   

12 April 2012

सय्यद मुख़्तार अब्बास मरहूम की मजलिसे चेहलुम


लहना  के सय्यद मुख़्तार अब्बास मरहूम इब्ने सय्यद ज़फर अब्बास की मजलिसे चेहलुम इतवार 15 अप्रैल को उनके ही गाँव में है. मजलिस सुबह 10 बजे शुरू हो जाएगी.
सोज़ खानी जनाब शाकिर साहब और जनाब महताब साहब फ़रमाएंगे और खिताबत आली जनाब मौलाना अबुल कासिम साहब करेंगे.
मोमिनीन से शिरकत की दरखास्त है. जो हजरात मजलिस में शरीक न हो सकें उनसे सुरह फातेहा की गुजारिश है. मज़ीद जानकारी के लिए 09161812405 पर हासिल की जा सकती है.

11 April 2012

रिज़वी कॉलेज में ग़ुलाम हसनैन करार्वी मरहूम की पोती की शादी

 
दूल्हा, ओलामाए केराम के साथ तस्वीर खिंचाते हुए 
ग़ुलाम हसनैन करार्वी मरहूम की पोती समाना रिज़वी की शादी शबीहुल हसन रिज़वी मरहूम के फरजंद सय्यद मोहम्मद रेज़ा के हमराह रिज़वी कॉलेज, बांद्रा, मुंबई में ब खूबी अंजाम हुई. सल्लमहू इंग्लैण्ड के ब्रद्फोर्ड शहर में अपनी वालेदा के साथ रहते हैं.
निकाह 5 अप्रैल को हुआ था और Reception 7 अप्रैल को रिज़वी कॉलेज में रखा गया जिसमें में शहर की मोअज्ज़ज़ हस्तियों ने  शिरकत की थी. बम्बई शहर और बंबई के बाहर के ओलामा तशरीफ़ लाए थे.
Sports दुनिया की मशहूर हस्तियाँ भी जावेद भाई को मुबारक बाद देने पहुंची थीं. मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी वेंगसरकर और वसीम जाफ़र भी आए थे, IPL में खेलने की वजह से रोहित शर्मा नहीं आ सके, उन्हों ने मुबारकबाद का पैगाम भेज दिया.
हाकी के मशहूर आलमी खिलाडी धनराज पिल्लै भी पहुंचे थे. नैजवान हाकी खिलाडी युवराज वाल्मीकि भी reception  में मौजूद थे. Media से ताल्लुक रखने वाली बहुत सी शख्सियतें भी मौजूद थीं.
Karari, Allahabad, Lucknow, Delhi, Muzaffar Nagar, Kanpur, Malegaon, Pune, Jaunpur, Bangalore और हिन्दुस्तान के कई शहरों से मेहमान आए हुए थे. Iran और Dubai से भी इस पुर मसर्रत मौके पर शरीक थे.

क्रिकेट खिलाड़ी वेंगसरकर के साथ 
मशहूर हाकी खिलाड़ी धनराज पिल्लै के साथ 

10 April 2012

मेरे शेरू की शादी

फर्ज़ान्दाने अबरार हुसैन मरहूम (प्यारे बाबा)


तंजीम हुसैन रिज़वी (दुलारे) और सरकार हुसैन रिज़वी (बच्चन) रिज़वी कॉलेज बॉम्बे में दावते वलीमा का लुत्फ़ उठाते हुए.

07 April 2012

मरहूम मोहम्मद असगर

मरहूम मोहम्मद असगर, जिनका इन्तेकाल 3  अप्रैल को हुआ था 

06 April 2012

मजहर अब्बास उर्फ़ शेरू आहिस्ता आहिस्ता सेहत्याब हो रहे हैं


करारी के पास कर्बल्या के रहने वाले मजहर अब्बास जो शेरू के नाम से पुकारे जाते हैं अब आहिस्ता आहिस्ता सेहत्याब हो रहे हैं. शेरू रिज़वी कॉलेज मुंबई में काम करते हैं और दूसरों की ख़ुशी को अपनी ख़ुशी और दूसरों के गम को अपना गम समझते हैं.
बहुत मिलनसार और खुश  अखलाक हैं. हर वक़्त हँसते मुस्कुराते रहते हैं. 
हमारी दुआ है की अल्लाह तआला इनको जल्दी से अच्छा करदे. इन्हों ने नज़र की है की बिलकुल ठीक हो जाने पर अपने ख़ास अकीदतमंदों की मलाड में दावत करेंगे. 


उनके आने से आ जाती है मुंह पे रौनक
वोह समझते हैं की बीमार का हाल अच्छा है 

जावेद रिज़वी की दोख्तर का निकाह


कल शाम 5 बजे जावेद रिज़वी की दोख्तर समाना का निकाह मोहम्मद रेज़ा रिज़वी (मरहूम मौलाना शबीहुल हसन के फरजंद) के हमराह हो गया. यह तकरीब रिज़वी कॉलेज बान्द्रा में अंजाम पाई.
नौशाह का ताल्लुक इलाहबाद के करीब कोराली से है. सल्लमहू लन्दन में मोकीम मौलाना अली आबिद साहब के नवासे हैं और उनकी शहरियत भी वहीँ की है.
इस मुख़्तसर तकरीब में घर के  अफराद शरीक थे.

दुल्हन के वकील मौलाना ज़ेगामुर  रिज़वी निकाह पढ़ते हुए. दूल्हा के वकील कोई मौलाना हैदर थे 
बाएँ से: जावेद रिज़वी, मौलाना हसनैन करारवी, नौशाह मोहम्मद रेज़ा रिज़वी और मौलाना रज़ा हैदर साहब 
दुल्हे राजा: सय्यद मोहम्मद रेज़ा रिज़वी 

03 April 2012

जनाब मोहम्मद असग़र का इन्तेकाल


करारी शिया जामे मसजिद के सामने रिहाइश पज़ीर जनाब मोहम्मद असग़र इब्ने अकबर अली (मोलानी) का आज शाम 4.30  इलाहाबाद के अस्पताल में इन्तेक़ाल हो गया.
तद्फीन करारी कल सुबह दस बजे होगी. आप लोग सुरह फातेहा से मरहूम को याद करें. मजीद मालूमात के लिए उनके फरजंद मोहम्मद मजहर(भय्या) से 09336557771 राबता किया जा सकता है. 

31 March 2012

रुशैद रिज़वी, शबीब रिज़वी और ओज़ैर रिज़वी को मुबारक बाद

शबीब रिज़वी के फरजंद रय्यान का निकाह कल रात उज़ैर रिज़वी की दोख्तर से उनकी रिहाइश गाह पर हुआ. दूल्हा और दुल्हन जनाब यूसुफ हसन रिज़वी के पोता पोती हैं. 
मरहूम मंज़ूर हसन रिज़वी के खानदान से सभी अफराद इस तकरीब में मौजूद थे.
लड़के की जानिब से मौलाना अहमद अली आबिदी साहब वकील थे और लड़की की जानिब से मौलाना जैगमुर रिज़वी.
एक शब् पहले यानी शबे जुमा शबीब के बड़े भाई रुशैद रिज़वी की दोख्तर का निकाह नाहीद अब्बास के हमराह  हुआ था. 
नाहीद अब्बास निकाह के वक़्त शरमाते हुए.


रय्यान निकाह के बाद मुस्कुराते हुए.

28 March 2012

गाह ज़हरा कभी अली ज़ैनब

क्या  करूं  मैं  सना  तेरी  ज़ैनब
तुझ  पे  सदके  सुखनवरी   ज़ैनब   
तेरे  शीरीं  सुख़न  का  क्या  कहना 
तेरा  सानी  नहीं  कोई   ज़ैनब  
खुश  कलामी  से  आप  लगती  हैं
गाह  ज़हरा  कभी  अली   ज़ैनब  
जिस  क़बीले  का  चाँद  है  अब्बास
है  उसी  घर  की  चांदनी   ज़ैनब   
तेरा  इरफ़ान  मिल  गया  जिसको 
उसकी  दुनिया   संवर  गई   ज़ैनब  

इरफ़ान इलाहाबादी 

26 March 2012

जुलूसे अमारी 2012

जुलूसे अमारी 2012 में हुसैन भाई निजामत के फराएज़ अंजाम देते हुए.

शकील रिज़वी को मुबारक हो

करारी के अहाता मोहल्ला के शकील रिज़वी को अपनी कंपनी की अच्छी कार्करदगी पर अवार्ड मिलने पर हम मुबारकबाद पेश करते हैं.
नीचे तस्वीर में शकील रिज़वी बाएँ से तीसरे, अवार्ड लेते हुए. 
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अब्बास रिज़वी का निकाह हो गया

कल रात बम्बई के रिज़वी स्प्रिंग फील्ड स्कूल हाल में मरहूम सय्यद मंज़ूर हसन रिज़वी के पोते और सय्यद सिब्ते हसन रिज़वी के तीसरे फरजंद अब्बास रिज़वी का निकाह हो गया. इस तकरीब में  रिज़वी खानदान के सभी लोग और अब्बास के दोस्त अह्ब्बाब मोजूद  थे.
दुल्हन के वकील मौलाना सय्यद ज़की नूरी साहब और अब्बास के वकील मौलाना ज़ुल्फ़िकार महदी साहब थे. यह सादी तकरीब नमाज़े मग्रबैन के बाद खाने पर ख़त्म हुई.
अल्लाह तआला इस जोड़े को नेक ज़िन्दगी गुज़ारने की तौफीक अता करे और उनकी नस्ल में नेक और अहलेबैत (अ.स.) की चाहने वालों की आमद हो.  

22 March 2012

मस्जिदे क़ाज़ी में मजलिसे तरहीम

मरहूमा हुसैन फातेमा (हुसैना) बिन्ते मरहूम नफीसुल हसन के ईसाले सवाब के लिए मस्जिदे क़ाज़ी (इलाहाबाद) में आज नमाज़े मग्रेबैन के बाद मजलिसे तरहीम का इनेकाद किया गया है जिनका इन्तेकाल 25 ज़िलहज (21 मार्च 2001 ) को हुआ था.
मरहूमा ने 1997 में अपने वालिद, मरहूम नफीसुल हसन (जिन्हें हम लोग भुग्गी कह कर मुखातिब करते थे) के हमराह हज के फराएज अंजाम दिए थे. हमें याद है कि  उस साल हमारा पहला हज था और हमारी मुलाक़ात मरहूमा से सफा की पहाड़ी पर सई करते हुए हुई थी. हमारी वालेदाह भी साथ थीं.
मरहुमीन मुस्लिम टूर के काफिले के साथ आए थे जो मरहूम मौलाना ज़फर अब्बास की जेरे निगरानी में था.
अल्लाह तआला इन मरहुमीन के दरजात में बुलंदी अता करे. यह लोग बहुत नेक इंसान थे.
आप लोगों से सुरह फातेहा की गुज़ारिश है. 

साल गिरह मुबारक


हमारे मामूं जनाब युसूफ हसन रिज़वी को उनकी साल गिरह पर ढेर सारी मुबारकबाद. अल्लाह तआला उन्हें अच्छी सेहत और तूलानी उम्र अता करे. 

19 March 2012

टमाटर सूप बनाने का तरीका

टमाटर का सूप बनाने के लिए सामान 
4 -5 बड़े टमाटर, ढाई कप दूध, 1 प्याज, 2 -3 कलि लहसुन (चाहें तो ), एक चौथाई छोटी चम्मच पीसी सफ़ेद मिर्च, डेढ़ छोटी चम्मच नमक, सजावट के लिए आधा कप अंकुरित मुंग व चनें|
सूप बनाने का तरीका

  • सबसे पहले टमाटर, कटी हुई प्याज, लहसुन, आदि को मिक्सी में बारीक बारीक कर पीस लें, पिसने के बाद इसे छान लें|

  • अब पतीले में आवश्यकतानुसार घी गरम करके इसमें दूध डालकर मिला दें तथा अच्छी तरह उबालकर नमक, मिर्च व अन्य सभी सामग्री डालें|

  • कुछ समय बाद पतीले को नीचे उतारकर इस पर उबले अंकुरित चनें व मुंग दाल दें|अब आपका स्वादिष्ट टमाटर का सूप तैयार है|

  • 05 March 2012

    ज़बान वक्फ है बस मदहे अस्करी के लिए

    इमाम हसन अस्करी (अ.स.) की विलादत के मौके पर मीर हसन मीर की एक मंक़बत:


    न खुसरवी के लिए है न अफसरी के लिए
    ज़बान वक्फ है बस मदहे अस्करी के लिए

    अगर न मिलती इन्हें नूरे अस्करी की ज़कात
    तरसते चाँद सितारे भी रौशनी के लिए

    गिराया आप का रौज़ा जिन्हों ने ऐ मौला
    शिकार पहला बनेंगे वह आखिरी के लिए

    इमाम फिर से बुलाएं मुझे भी सामर्रा
    तरस रही है जबीं कब से बंदगी के लिए

    मेरे इमाम का हमसर वह कैसे लाते भला
    मिला न जब कोई क़मबर की हम्सरी के लिए

    यह बोले दार पे मीसम मैं कैसे रुक जाऊं 
    ज़बां मिली है मुझे सिर्फ अली अली के लिए

    अली को देख के बालिं पर मैं पुकारूँगा
    ऐ मेरी मौत ठहर जा तू दो घडी के लिए

    हमें यह फख्र के हम उन के दर के नौकर हैं
    फ़रिश्ते खुद जहाँ आते हैं नौकरी के लिए

    नबी की आल से टकराए क्या ज़रूरी है
    तरीके और भी राएज हैं ख़ुदकुशी के लिए

    अलम बराए सहबा था जंगे खैबर में
    अलिफ़ से सब के लिए ऍन से अली के लिए  

    04 March 2012

    सरकार हैदर के मकान पर कसीदा की महफिल

    कल रात  पारा के  सरकार हैदर रिज़वी  के मकान पर इमाम  हसन अस्करी (अ.स.) के रोज़े विलादत के सिलसिले में एक  कसीदा  की महफिल का इनेकाद किया गया. यहाँ करारी से ताल्लुक रखने वाले मोमिनीन जमा हो गए. ग्यारहवें इमाम की शान में कसीदा और मन्क़बत पढ़ी गई. जिस में डाक्टर अब्बास आलम, तूसी, ज़हीरुल, ज़व्वार, जावेद रिज़वी, हसन इलाहाबादी और शमीम अब्बास ने हिस्सा लिया.
    आखिर में मौलाना एहसान हैदर जवादी ने एक मुख़्तसर सी तक़रीर करके प्रोग्राम का इख्तेताम किया.
    मुर्ग़ की लज़ीज़ बिरयानी से मोमिनीन ने लुत्फ़ उठाया.
    नीचे इसी महफ़िल के दो कलाम का विडियो है, देखिए और comment कीजिए.


    03 March 2012

    अबू मोहम्मद, मुबारक हो


    अबू मोहम्मद साहब करारी की फ़अआल शख्सियतों में से एक है. दीन की गुफ्तगू हो या समाजी, आप पेश पेश रहते हैं. यही नहीं, बल्कि मजालिस की पेश्खानी अपने अनोखे और जोशीले अंदाज़ में मर्सिया पढ़ कर करते हैं. यह मरासी अक्सर तबलीगी और इन्क़लाबी होते हैं.
    आज करारी में उनके दौलतखाने पर बरात की आमद है. उनकी दोख्तर सदफ का अकद नजरुल महदी के हमराह होना है.
    My Karari की जानिब से उनको और उनके ख़ानदान को बहुत बहुत मुबारकबाद.

    25 February 2012

    मरहूम मुख़्तार की तद्फीन आज लहना में

    लहना गाँव के सूबा मियां के फरजंद जो दिल्ली में Bombay Mercantile Bank में मुलाज़मत करते थे आज इलाहबाद में उनका इन्तेकाल हो गया. मरहूम का नाम मुख़्तार था और वोह एक मुद्दत से बीमार थे.
    मरहूम की तद्फीन आज लहना में 4 बजे शाम को होगी. 
    आप से नमाज़े वहशत पढने की गुज़ारिश है.