22 अप्रैल 2018

बहुत खतरनाक सोच


लखनऊ के अबिशेक मिश्र ने OLA टैक्सी इस लिए कैंसिल कर दी क्यूंकि ड्राईवर मुसलमान था.
और वोह अपना पैसा जेहादियों को नहीं देना चाहता था.
अभिषेक मुसलमानों को कोई पैगाम देना चाहता है. ये है भाजपा से जुड़े हुए लोगों की मानसिकता .......
क्या अपनी गाडी में खाड़ी देशों से आये पेट्रोल भरवाना बंद करदेगा अभिषेक?
अगर हम सब लोग इसी तरह सोचने लगेंगे तो यह देश अर्थ व्यवस्था के लिए बहुत नुकसान होगा.


20 अप्रैल 2018

पंडित के पास कोई जबाब नहीं था।

एक दिन पंडित को प्यास लगी, संयोगवश घर में पानी नहीं था। इसलिए उसकी पत्नी पड़ोस से पानी ले आई। पानी पीकर पंडित ने पूछा....
पंडित - कहाँ से लायी हो? बहुत ठंडा पानी है।
पत्नी - पड़ोस के कुम्हार के घर से।
(पंडित ने यह सुनकर लोटा फेंक दिया और उसके तेवर चढ़ गए। वह जोर-जोर से चीखने लगा )
पंडित - अरी तूने तो मेरा धर्म भ्रष्ट कर दिया। कुम्हार ( शूद्र ) के घर का पानी पिला दिया।
(पत्नी भय से थर-थर कांपने लगी)
उसने पण्डित से माफ़ी मांग ली।
पत्नी - अब ऐसी भूल नहीं होगी।
शाम को पण्डित जब खाना खाने बैठा तो घर में खाने के लिए कुछ नहीं था।
पंडित - रोटी नहीं बनाई। भाजी नहीं बनाई। क्यों????
पत्नी - बनायी तो थी। लेकिन अनाज पैदा करने वाला कुणबी(शूद्र) था और जिस कड़ाई में बनाया था, वो कड़ाई लोहार (शूद्र) के घर से आई थी। सब फेंक दिया।
पण्डित - तू पगली है क्या?? कहीं अनाज और कढ़ाई में भी छूत होती है?
यह कह कर पण्डित बोला- कि पानी तो ले आओ।
पत्नी - पानी तो नहीं है जी।
पण्डित - घड़े कहाँ गए???
पत्नी - वो तो मैंने फेंक दिए। क्योंकि कुम्हार के हाथ से बने थे।
पंडित बोला- दूध ही ले आओ। वही पीलूँगा।
पत्नी - दूध भी फेंक दिया जी। क्योंकि गाय को जिस नौकर ने दुहा था, वो तो नीची (शूद्र) जाति से था।
पंडित- हद कर दी तूने तो यह भी नहीं जानती की दूध में छूत नहीं लगती है।
पत्नी-यह कैसी छूत है जी, जो पानी में तो लगती है, परन्तु दूध में नहीं लगती।
(पंडित के मन में आया कि दीवार से सर फोड़ लूं)
वह गुर्रा कर बोला - तूने मुझे चौपट कर दिया है जा अब आंगन में खाट डाल दे मुझे अब नींद आ रही है।
पत्नी- खाट!!!! उसे तो मैनें तोड़ कर फेंक दिया है जी। क्योंकि उसे शूद्र (सुथार ) जात वाले ने बनाया था।
पंडित चीखा - वो फ़ूलों का हार तो लाओ। भगवान को चढ़ाऊंगा, ताकि तेरी अक्ल ठिकाने आये।
पत्नी - हार तो मैंने फेंक दिया। उसे माली (शूद्र) जाति के आदमी ने बनाया था।
पंडित चीखा- सब में आग लगा दो, घर में कुछ बचा भी हैं या नहीं।
पत्नी - हाँ यह घर बचा है, इसे अभी तोड़ना बाकी है। क्योंकि इसे भी तो पिछड़ी जाति के मजदूरों ने बनाया है।
पंडित के पास कोई जबाब नहीं था।
उसकी अक्ल तो ठिकाने आयी।
बाकी लोगों कि भी आ जायेगी।

10 अप्रैल 2018

खबरदार! होशियार!


अब भी वक्त है, आप घरों से निकल कर समाज के छोटे छोटे हिस्से को दंगाई बनाने के इस प्रोजेक्ट के खिलाफ आवाज़ उठाइये. बहुत देर हो चुकी है और यह देरी बढ़ती जा रही है. हर जगह एक भीड़ खड़ी है जिसे व्हाट्सएप के ज़रिए वीडियो और आडियो का इशारा मिलते ही वो दंगाई में बदल जाती है. हिन्दू मुस्लिम डिबेट के ज़रिए लोगों में बराबरी से ज़हर भरा गया है. अफवाह की एक चिंगारी भीड़ को किसी के मोहल्ले में ले जाती है और लूट-पाट से लेकर आगज़नी और हत्या कराने लगती है. हिन्दू-मुस्लिम डिबेट के केंद्र में है कि कैसे लगातार बहसों और प्रोपेगैंडा के ज़रिए आपके मन में मुसलमानों के प्रति नफ़रत भर दी जाए. इतनी भर दी जाए कि एक अफवाह भर से आप दंगा करने लग जाएं ताकि इल्ज़ाम भीड़ पर आए और नेता आपके बीच संत की तरह आता रहे. पूरा तंत्र लगा हुआ है वीडियो शेयर करने वाला.

19 मार्च 2018

होशियार मुसलमानो

होशियार मुसलमानो से ज़कात खैरात वसूलने के लिये पचास हजार RSS हिन्दु लडके दाडी बडा कर कुरता पाजामा और टोपी लागा कर घुम रहे है कई जगह पकडे भी गये है

ये लोग फरजी मदरसे खोल रहे हैं किराया पर और फरजी चन्दा कर रहे हैं आर एस एस के पलानिंग के तेहत मदरसों को बदनाम करने की शाजिश के तेहत ऐसा हो रहा है।

ईस लिये बगैर मदरसा देखे हरगिज कीसी को चन्दा ना दें।।बेनेकाब करने के लिये ईसे तमाम मुसलमानों मे फैलाये

वाह मोदी वाह

मोदी की वजह से सिर्फ 18 महीने के भीतर विश्व का सबसे 'विशाल' पार्टी कार्यालय का निर्माण करना सम्भव हो पाया।

आइये जरा इसकी खासियत भी अब जान लीजिए।

➖ 18 अगस्त 2016 को शिलान्यास हुआ और 18 फरवरी 2018 को उद्घाटन भी हो गया।

➖ 1,70,000 वर्ग फुट में फैली है जनता के खून पसीने की कमाई से बना यह विशालकाय इमारत।

➖ पार्टी महासचिवों के अय्याशी के लिए, इसमें 70 अलग-अलग कमरे हैं।

➖ सबसे ऊपरी मंजिल पर 50 हजार से 80 करोड़ कमाने वाले जय शाह के पिता... अमित शाह बैठेंगे, जहाँ से पूरा कॉम्प्लेक्स दिखाई देगा।

➖ नयी इमारत में 20 हज़ार IT Cell के दलालों के बैठने की व्यवस्था की गयी है।

➖ यहाँ एक प्रिंटिंग प्रेस भी होगा जिसमें विरोधियों के खिलाफ पुस्तकें छापने की और फेंक फोटोशॉप  बनाने की व्यवस्था हे 

➖ देशभर में फैले.... आरएसएस, बजरंग दल, तथा NDA के अन्य सभी घटकों से, एक साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा लाइव संवाद किया जा सकेगा।

➖ विरोधियों द्वारा अपेक्षित प्रदर्शन से निपटने के लिये, यहां हर तरह के अस्त्र- सस्त्र आधुनिक हथियार इस भवन में रखा गया है।

▪और सबसे महत्वपूर्व बात जनता के लिए आवास 2022 में बनेगा.
▪ 100 स्मार्ट सिटी 2022 में बनेगा।
▪ महंगाई 2022 में कम होगी।
▪ दिन दहाड़े लूट पाट, छीना झपटी 2022 से कम होंगे।
▪ पेट्रोल डीज़ल 2022 से सस्ते होंगे।
▪ आतंकवाद 2022 में खत्म होगा।
▪ किसान आत्महत्या 2022 से बंद होगी।
▪ भ्रस्टाचार 2022 से खत्म होगा।
▪ मंदिर भी 2022 में ही बनेगा।

            अरबों की लागत से भाजपा  का मुख्यालय बनकर तैयार हो गया। अब पूछो कितने AIIMS या नए कॉलेज बने?
तो कहते हैं कि 70 साल के गड्ढे भरने में वक्त लगेगा 😈

  यह 7 मंज़िला इमारत है जो
किसी भी पोलिटिकल पार्टी का सबसे बड़ा कार्यालय है।

05 महीनों में बीजेपी को 80,000 हज़ार करोड़ का चंदा मिला है,----
ये चंदा किसने दिया क्या किसी को पता है ??

🙈🙉🙊

04 फ़रवरी 2017

Majlis e Tarheem marhum Zameer Abbas

सनीचर 4 February को सगीर bhai के घर मीरा रोड में मजलिस है.
खेतआब मौलाना अब्बास आलम करेंगे

10 अक्तूबर 2014

करारी के एक अच्छे सोज़ ख़ान


 
  जनाब नज़ीर हसन (मुन्नू) साहब  का शुमार करारी के अच्छे सोज़ खानो में होता है. आप फ़रोखाबाद  में मुलाज़मत करते हैं और अश्रय ऊला में वहीँ अज़ादारी के फराइज़ अंजाम देते हैं. 

26 जुलाई 2014

रोज़ा, रोटी और नफरत

दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में शिव सेना सांसद ने रोज़ादार मुलाज़िम के मुंह में ज़बरदस्ती रोटी ठोंसी. यह कैसी नफरत है मामूजान?
मामूजान: महाराष्ट्र की तारीख़ में शिव सेना पार्टी का वोजूद मुस्लिम दुश्मनी की बिना पर है. इस पार्टी के बानी और नेता मुसलमानों के ख़िलाफ़ ज़हर उगलते चले आए हैं. मुंबई से छपने वाला शिव सेना का परचा "सामना" जिसे यह लोग अख़बार कहते हैं वक्तन फवक्तन मुसलमानों को कोसता रहता है. कोई ख़बर ऐसी नहीं होती जो मुस्लिम मुखालिफ न हो. प्रदेश में जितने भी मुस्लिम मुखालिफ दंगे हुए उसमें यही लोग नज़र आए जिस में पुलिस ने हमेशा इस पार्टी का साथ दिया. दादागिरी, तोड़ फोड़ इन लोगों की सुन्नत रही है.
सच यह है की कांग्रेस पार्टी ने हमेशा इन की हिम्मत अफज़ाई की है. इन के ख़िलाफ़ इकदाम नहीं करते थे और इन्हें दिलेर बनाते रहे. कांग्रेस, शिव सेना का हव्वा खड़ा करके मुसलमानों का वोट लेते रहे.
शिव सेना का यही नफरत भरा चेहरा दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में नज़र आया. दाल रोटी की क्वालिटी का बहाना बना कर एक रोज़ादार सुपरवाइजर के मुंह में रोटी ठोंसी. जबकि खाने की शिकायत मेनेजर से करनी चाहिए थी. न जाने ये सांसद कितने दिन के भूके प्यासे थे.
राज्य सभा और लोक सभा में खूब हंगामा हुआ, इन सांसदों से माफ़ी की मांग की गई. राजनितिक पार्टियों ने इस घटना की निंदा की. लेकिन भाजपा ने इस वाकिए पर उसी तरह चुप्पी साध रखी है जिस तरह वोह गज्ज़ा के क़त्ले आम पर इजराइल के खिलाफ कुछ कहने से गुरेज़ कर रहे थे.
अल्पसंख्यक मंत्रालय की मंत्री डॉ नजमा हेपतुल्लाह ने मीडिया के सवाल पर ऐसा रवय्या रखा जैसे अपनी ऊंचा सुनने वाली मशीन घर पर भूल आई हों.
शिकायत IRCTC कैंटीन की सर्विस पर थीं लेकिन गुस्सा एक रोज़ादार मुस्लमान पर उतरा. अगर इसी तरह नाक़िस खानों पर IRCTC के स्टाफ पर मुंह में रोटी ठोंस ठोंस कर एहतेजाज होता रहा तो लम्बी दूरी की ट्रेनों में मुसाफिर ख़राब खाने IRCTC के स्टाफ के मुंह में ठोंसते रहेंगे.

"ग्रेटर इस्राईल" एक ख़्वाब

हर साल रमज़ान के महीने के आखरी जुमा को फिलिस्तीन और इस्लाम के पहले क़िबला की आज़ादी के लिए रखा है. क्या यह कोद्स इतना अहम मुद्दा है मामूजान?
मामूजान: इस्लामी दुनिया के लिए कोद्स सब कुछ है. यह नबियों की सरज़मीन है. किब्लए अव्वल है. फिलिस्तीन की सरज़मीन पर अंग्रेजों ने यहूदियों को बसाया था और उन्हों ने आहिस्ता आहिस्ता फिलिस्तीनियों को शरणार्थी बना दिया और खुद पूरे मुल्क पर क़ब्ज़ा कर लिया. 
जर्मनी ने यहूदियों को क़त्ल किया लेकिन सज़ा फिलिस्तीनी मुसलमानों को दी गई.
जब से इजराइल का नाजाएज़ क़ब्ज़ा हुआ है उस वक़्त से अरब दुनिया में खल्फिशार है. फिलिस्तीन के अतराफ में अरब ममालिक में कहीं भी लोकतंत्र नहीं है. एक लेबनान है जहाँ मतदान होता है लेकिन उसे भी पश्चिमी देशों ने शिया, सुन्नी और ईसाई में बाँट रखा है.
मुसलमानों का सब से गद्दार मुल्क मिस्र रहा है. हुस्नी मुबारक से नजात मिलने के बाद मोहम्मद मुर्सी ने लोकतंत्र तरीके से राष्ट्रपति का पद संभाला. लेकिन इजराइल और अमरीका मिलकर एक डिक्टेटर को लाए और मुर्सी को जेल भेज दिया. 
दर अस्ल यहूदियों की योजना इस इलाक़े में "ग्रेटर इजराइल" की है. जिस की सीमा पश्चिम में मिस्र की नील दरया से लेकर पूरब में इराक़ की फ़ुरात दरया तक है. इनको यह पूरा इलाक़ा अपने क़ब्ज़े में लेना है. पहले से ही अमरीका, यूरोप, यूनाइटेड राष्ट्र और अरब लीग उसके क़ब्ज़े में हैं. शाम और इराक में अपने एजेंट ISIL और ISIS वहां तबाही मचा रखी है. मुसलमानों का गला काट काट कर नारए तकबीर बुलंद कर रहे हैं. जब इन मुल्कों पर क़ब्ज़ा हो जायेगा तो तेल, गैस और पूरी दुनिया पर क़ब्ज़ा हो जाएगा.
खुद को खलीफतुल मुस्लिमीन कहने वाला अबू बकर बघ्दादी ग़ज़ा में बच्चों के मारे जाने पर खामोश है. बल्कि यह लोग इराक़ और शाम में फिलिस्तीन का परचम जला रहे हैं. इस अबू बकर ने इजराइल के खिलाफ एक लफ्ज़ नहीं कहा.
एक ईरान है जिस ने इजराइल की योजनाओं को नुकसान पहुँचाया है. ईरान ने कोद्स की आज़ादी को ज़िन्दा रखा है जबके अरब हुकूमतें तमाशा देख रही हैं. 
मुसलमानों की यह बदकिस्मती है की किब्लाए अव्वल यहूदियों के क़ब्ज़े में है और मस्जिदे अक्सा शहीद करना चाहते हैं. 
मौजूदा क़िबला सउदीयोँ के क़ब्ज़े में हैं जो जन्नतुल बक़ी की तरह गुम्बदे खिजरा गिराना चाहते हैं.

26 जून 2014

ईराक़ में वहाबी आतंक पर दुनिया ख़ामोश


मर्हूमा सग़ीर फ़ातेमा बिन्ते सफ़दर हुसैन के इसाले सवाब की मजलिस


आज साहबज़ादे भाई के मकान पर उनकी वालिदा मर्हूमा 
सग़ीर फ़ातेमा बिन्ते सफ़दर हुसैन के इसाले सवाब की मजलिस है. 
वक़्त: 9 बजे शब. 
मज़ीद मालूमात के लिए राबिता करें. 
फ़ोन: 09969153744