28 जनवरी 2012

शैदाए रेज़ा के मकान पर खम्सा मजालिस

जैगमुर रिज़वी मजलिस पढ़ते हुए
आज रात 8 बजे शैदाए रेज़ा साहब के मकान पर चौथी मजलिस थी. यह खम्सा मजालिस पहली रबीउल से शुरू हुईं. कल आखरी मजलिस है. 
यह खम्सा गुज़िश्ता कई साल से हो रहा है. मोमिनीन अच्छी तादाद में शिरकत करते हैं. बकौल नय्यर भाई के, आज, कल के मुकाबले मौसम कम ठंडा था.
मौलाना सय्यद साजिद महदी उर्फ़ जैगमुर रिज़वी ने ज़ुल्म की किस्में बताईं. इमामत का दर्जा और मंसबे इमामत की अहमियत का तज्केरा किया.
जनाबे सकीना के मसाएब पर मजलिस को ख़त्म किया.  

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