10 जनवरी 2012

दोस्ती करना और निभाना


हज़रत अली (अ.स.) ने फ़रमाया:
दोस्ती करना इतना आसान है 
जैसे मिटटी से मिटटी पर मिटटी लिखना
दोस्ती निभाना इतना मुश्किल है 
जैसे पानी से पानी पर पानी लिखना

 

कोई टिप्पणी नहीं: