05 दिसंबर 2011

करारी में आठ मुहर्रम के कुछ ख़ास प्रोग्राम

आठ मुहर्रम नमाज़े ज़ोहरैन के बाद रेहान भाई के घर से जुलूसे अजा बरामद होता है. यह खरकापर तक जाकर उनके दौलत खाने पर पलट कर आता है. शबीहे ज़ुल्जनाह भी जुलूस के साथ साथ रहता है.  मुख्तलिफ साहिबे बयाज़ नौहा खानी करते हैं. इन में करारी के मशहूर साहेबे बयाज़ जनाब हीरा साहब और जामिन अब्बास अपनी दर्द भरी आवाज़ में लोगों की आँखों में आंसू ले आते हैं.
उसके बाद शब् में रेहान भाई अपने दौलत कदे   पर नजर का इंतज़ाम भी करते हैं.
दिन में नमाज़े जोहर से क़ब्ल नाच घर पर शमीम हैदर उर्फ़ छोक्कन भाई के मकान पैर मजलिसे अजा बरपा हुई जिसमें मौलाना अख्तर रिज़वी ने खिताबत की. उसके बाद नौहाओ मातम हुआ. नमाज़ के बाद नजर का एहतेमाम भी था.
आठ मुहर्रम को ही करारी से करीब सरय्याँ गाँव में भी मजलिसओ जुलूस का सिलसिला था.

जुलूस खरकापर की तरफ  जाते  हुए